Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
चाँदनी रात में शांत झील के किनारे सजे हुए रथ पर साथ बैठे भारतीय दंपति, जिनके चेहरे पर आत्मिक प्रेम, स्नेह और मधुर भावनाओं की झलक दिखाई दे रही है। आसपास खिलते फूल और चाँदनी कविता के श्रृंगार रस को साकार करते हैं।

प्रीति-रथ पर गीत बैठे

‘प्रीति-रथ पर गीत बैठे’ प्रेम, नेह और आत्मीय भावनाओं से ओतप्रोत एक मधुर हिंदी गीत है। इसमें चाँदनी, स्वप्न, रागिनी और प्रकृति के सुंदर बिंबों के माध्यम से प्रेम की कोमल अनुभूतियों को सजीव किया गया है। श्रृंगार रस से सुसज्जित यह कविता दो हृदयों के आत्मिक मिलन, जीवन की मधुर स्मृतियों और प्रेम की शाश्वत अनुभूति को अत्यंत भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत करती है।

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