प्रीति-रथ पर गीत बैठे
‘प्रीति-रथ पर गीत बैठे’ प्रेम, नेह और आत्मीय भावनाओं से ओतप्रोत एक मधुर हिंदी गीत है। इसमें चाँदनी, स्वप्न, रागिनी और प्रकृति के सुंदर बिंबों के माध्यम से प्रेम की कोमल अनुभूतियों को सजीव किया गया है। श्रृंगार रस से सुसज्जित यह कविता दो हृदयों के आत्मिक मिलन, जीवन की मधुर स्मृतियों और प्रेम की शाश्वत अनुभूति को अत्यंत भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत करती है।
