प्रतिभा से डरता समाज, चरित्र पर उठाता सवाल !
एक स्त्री जब मेहनत, प्रतिभा और संघर्ष से अपनी पहचान बनाती है, तो उसकी उपलब्धियों के बजाय उसके चरित्र पर सवाल क्यों उठते हैं? यह लेख इसी सामाजिक मानसिकता और प्रतिभावान स्त्री की मनोव्यथा को सामने रखता है।

एक स्त्री जब मेहनत, प्रतिभा और संघर्ष से अपनी पहचान बनाती है, तो उसकी उपलब्धियों के बजाय उसके चरित्र पर सवाल क्यों उठते हैं? यह लेख इसी सामाजिक मानसिकता और प्रतिभावान स्त्री की मनोव्यथा को सामने रखता है।