हस्ताक्षर…
एक बुज़ुर्ग अपनी पेंशन के लिए दफ़्तर के चक्कर लगा रहा था, जबकि उसकी फाइल केवल एक हस्ताक्षर की प्रतीक्षा में अटकी थी। यह कहानी बताती है कि किसी सरकारी कर्मचारी का एक हस्ताक्षर केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि किसी ज़रूरतमंद की उम्मीद, सम्मान और जीवन का सहारा भी हो सकता है।
