Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी

बचपन की यादें हमेशा खास रहती हैं। रविवार की सुबह, बारिश में कागज़ की कश्ती तैराना, दोस्तों के घर जाकर टीवी देखने की खुशी ये छोटे-छोटे पल हमारी दुनिया को पूरी तरह जीवंत बना देते थे। अब काम, ऑफिस और जिम्मेदारियों के बीच वही मासूमियत खो गई है, पर अंदर वही छोटा बच्चा अभी भी जिंदा है, बारिश में कागज़ की कश्ती बहा रहा है, और हर याद उसे मुस्कुराकर बुला रही है।

Read More