सुबह की धूप में आँगन, तुलसी पर चमकती ओस, मुंडेर पर बैठे कबूतर और शांत घरेलू वातावरण का काव्यात्मक दृश्य।

जीवन-सौंदर्य

आले में रखी नीली शीशी, हवा से हिलता अख़बार, तुलसी पर ठहरी ओस, बारिश की स्मृतियाँ और समय का अविराम प्रवाह यह कविता बताती है कि जीवन का वास्तविक सौंदर्य बड़े क्षणों में नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की साधारण दिखने वाली अनुभूतियों में छिपा होता है।

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