माँ दुर्गा के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना करती हुई भक्त, दिव्य और शांत वातावरण

मेरी माँ है तू ,तेरी बेटी रहूँगी

मेरी माँ है तू” एक अत्यंत भावपूर्ण भक्ति कविता है, जिसमें एक भक्त का अपनी माँ दुर्गा के प्रति अटूट विश्वास, प्रेम और समर्पण झलकता है। इस कविता में कवयित्री ने स्वयं को माँ की बेटी के रूप में प्रस्तुत करते हुए जीवन भर उनकी शरण में रहने की भावना व्यक्त की है।

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