मीरा दी: रिश्ते से बढ़कर अपनापन
सविता सिंह मीरा से हुई एक साहित्यिक मुलाकात धीरे-धीरे बहन और दोस्त के आत्मीय रिश्ते में बदल गई। उनकी सहजता, साहित्य के प्रति समर्पण और स्नेहिल स्वभाव को याद करते हुए यह संस्मरण मीरा दी के साथ जुड़ी खूबसूरत यादों और उस अपनापन को सामने लाता है, जो उन्हें खास बनाता है।
