अधूरी परवाह
क्या रिश्ते सचमुच बड़े वादों से चलते हैं, या फिर एक छोटा-सा संदेश-“खाना खाया?”, “घर पहुँच गए?” और “मैं तुम्हारे साथ हूँ” उन्हें ज़िंदा रखता है? पढ़िए राघव और रिद्धिमा की भावुक प्रेम कहानी, जो बताती है कि लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में प्यार की सबसे बड़ी ताकत छोटी-छोटी परवाह और रोज़मर्रा की आदतों में छिपी होती है।
