मध्यप्रदेश के गांव में होली के बाद लगने वाला डोल मेला और अंगारों पर चलते श्रद्धालु

होली और रंगपंचमी पर लगने वाला डोल मेला

मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में होली और रंगपंचमी के अवसर पर लगने वाला डोल मेला आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति का अनूठा संगम है। झरावदा, गोगापुर और कसारी जैसे गांवों में श्रद्धालु अंगारों पर चलकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं।

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समय बदला पर मेरी यादों का मेला नहीं

गोगापुर का मेला मेरे लिए केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बचपन की वह दुनिया है जहाँ उत्साह, जिज्ञासा और अपनापन एक साथ साँस लेते थे। बैलगाड़ी में बैठकर मेले की ओर जाना, दाल-बाटी की खुशबू में भूख से ज़्यादा आनंद महसूस करना और ज़मीन पर बैठकर टूरिंग टॉकीज़ में फ़िल्म देखना ये सब मेरी स्मृतियों का हिस्सा बन गए। आज मेला भले ही बदल गया हो, पर मेरे भीतर वह अब भी वैसे ही जीवित है, जैसे समय ने उसे छुआ ही न हो।

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