“मेरे भीतर अभी बहुत कुछ बाक़ी है” : किश्वर अंजुम
किश्वर अंजुम से विशेष बातचीत में उनकी साहित्यिक यात्रा, कविता, कहानी, रहस्य-कथा, सामाजिक सरोकार और स्त्री की ख़ामोशी जैसे विषयों पर विस्तार से बातचीत हुई. लेखिका कहती हैं “मेरी कहानी अभी पूरी कहाँ हुई है, बात अभी बाक़ी है.
