साहित्य-सूर्य : प्रेमचंद
मुंशी प्रेमचंद हिंदी साहित्य के ऐसे महान कथाकार थे, जिनकी कलम ने गरीब, किसान और आम इंसान के जीवन को आवाज़ दी। प्रस्तुत कविता उनके साहित्यिक योगदान को नमन करती है।

मुंशी प्रेमचंद हिंदी साहित्य के ऐसे महान कथाकार थे, जिनकी कलम ने गरीब, किसान और आम इंसान के जीवन को आवाज़ दी। प्रस्तुत कविता उनके साहित्यिक योगदान को नमन करती है।
हर वर्ष हम माता-पिता दिवस मनाते हैं, हिंदी दिवस मनाते हैं, और इसी तरह कई अन्य दिवस भी मनाते हैं। इन्हीं में एक दिन हम कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद का जन्म दिवस भी मना लेते हैं। फिर सब कुछ समाप्त। क्या एक दिन का स्मरण उनके सम्मान के लिए पर्याप्त है? हम कभी यह सोच भी नहीं पाते कि जिस तरह बंगाल ने रवींद्रनाथ टैगोर के गीत, संगीत, कला और साहित्य को न केवल सहेज कर रखा है, बल्कि उसे अपनी जीवनशैली में आत्मसात किया है — उसी तरह हमें भी अपने साहित्यकारों को सम्मान देना चाहिए। बंगाल का समाज अपने बच्चों को, आधुनिक होते परिवेश में भी, रवींद्रनाथ के प्रति सम्मान भाव से परिचित कराता है। समय-समय पर उनके सम्मान में आयोजन होते हैं।