नारी के मौन, संघर्ष और आत्मसम्मान को दर्शाती भावनात्मक हिंदी कविता का दृश्य

मौन

‘मौन’ स्त्री जीवन की उस पीड़ा और संघर्ष की कविता है, जहाँ सदियों से लादी गई अपेक्षाएँ, रिश्तों के बोझ और पहचान की तलाश एक तीखा प्रश्न बनकर उभरते हैं। यह कविता नारी की चुप्पी नहीं, उसके भीतर के प्रतिरोध और आत्मसम्मान की आवाज़ है।

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