भाषा की दीवार और पेट की भूख
30 साल तक मुंबई की सड़कों पर ऑटो चलाकर परिवार पालने वाले 52 वर्षीय रामचरण की जिंदगी भाषा के एक नियम के बाद बदल गई. भाषा परीक्षा में असफलता के बाद लाइसेंस रद्द होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया.

30 साल तक मुंबई की सड़कों पर ऑटो चलाकर परिवार पालने वाले 52 वर्षीय रामचरण की जिंदगी भाषा के एक नियम के बाद बदल गई. भाषा परीक्षा में असफलता के बाद लाइसेंस रद्द होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया.