एक वो रात, एक ये रात
एक रात प्रेम और साथ से भरी थी, दूसरी रात सिर्फ़ स्मृतियों और मीठी टीस के साथ रह गई. यह कविता बीते प्रेम की उसी कसक को शब्द देती है.

एक रात प्रेम और साथ से भरी थी, दूसरी रात सिर्फ़ स्मृतियों और मीठी टीस के साथ रह गई. यह कविता बीते प्रेम की उसी कसक को शब्द देती है.