हरी दूब

“हरी दूब” कविता जीवन की आपाधापी में सुकून के छोटे-छोटे क्षणों की तलाश है, जहाँ आकाश के बदलते रंग, श्रमिक की दुआ और घास की मुलायम हरियाली मिलकर मनुष्य को ठहरने और महसूस करने का अवसर देते हैं।

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