पापा की खाली लकड़ी की कुर्सी, जिस पर उनकी यादें आज भी जीवित हैं – भावुक हिंदी संस्मरण

कुर्सी

घर के एक कोने में रखी वह पुरानी कुर्सी आज भी केवल लकड़ी का एक फर्नीचर नहीं लगती। वह पिता की आदतों, उनके अनुशासन, उनके स्नेह और पूरे परिवार की अनगिनत यादों की साक्षी है। इस मार्मिक संस्मरण में एक बेटी अपनी स्मृतियों के सहारे उस खाली कुर्सी में आज भी अपने पापा की मुस्कुराती हुई छवि देखती है। यह कहानी हर उस व्यक्ति के दिल को छू जाएगी, जिसने अपने पिता को खोया है या उनकी यादों को संजोए रखा है।

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अपुन की दादीगीरी

पाँचवीं से छठवीं में कदम रखते ही स्कूल मेरे लिए पढ़ाई से ज़्यादा एक अजीब अनुभव बन गया था। कक्षा में न विद्यार्थी थे, न प्रतिस्पर्धा सिर्फ़ मैं और मेरा वर्चस्व। पिता का अनुशासन, स्कूल में उनका रुतबा और मेरी अकेली उपस्थिति ने मुझे अनजाने ही “दादीगीरी” का ताज पहना दिया। यह दादीगीरी डर से नहीं, परिस्थितियों से उपजी थी. जहाँ सीखने के साथ-साथ प्रभुत्व भी अभ्यास का हिस्सा बन गया।

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बंदर के हाथ में उस्तरा !

विधानसभा में विपक्ष के विरोध का फैंसी ड्रेस शो जारी रहा। कांग्रेस विधायकों ने ‘बंदर के हाथ में उस्तरा’ थीम पर प्रदर्शन किया। छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव से कांग्रेस विधायक सुनील उइके बंदर बनकर आए थे। उनके हाथ में सांकेतिक उस्तरा भी था। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के जरिए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उस बंदर की तरह काम कर रही है, जिसके हाथ में उस्तरा है

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मां…

“मॉं” में माँ को जीवन का आधार, हृदय की आवाज़ और आत्मा का सहारा बताया गया है। माँ केवल काया नहीं, बल्कि माया, अनुशासन, संस्कार और ईश्वर की आराधना का प्रतीक हैं। बच्चे की किलकारी, परिवार का बंधन और घर की यादें माँ की खुशी और शक्ति का हिस्सा हैं। कविता यह दर्शाती है कि माँ का अस्तित्व, उनका स्नेह और उनका मार्गदर्शन जीवन की हर परिस्थिति में अनमोल हैं और उनके नाम का पन्ना कभी फटता नहीं।

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पिताजी और शिक्षक दिवस

मेरे लिए पिताजी ही जीवन के पहले शिक्षक थे। उनकी डाँट में करुणा थी और उनकी कठोरता में भी प्रेम छिपा था। उन्होंने केवल पढ़ाया नहीं, बल्कि सच्चाई, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ जीना सिखाया। अद्भुत संयोग यह रहा कि शिक्षक होकर वे इसी शिक्षक दिवस के दिन इस संसार से विदा हुए—और अपने जीवन से यह अंतिम संदेश छोड़ गए कि सच्चा शिक्षक वही है, जो अपने आचरण और आदर्श से पीढ़ियों को दिशा देता है।

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