संग-संग चलें
धूप हो या वर्षा, सुख हो या दुःख सच्चा प्रेम हर परिस्थिति में साथ निभाने का नाम है। यह कविता जीवन और मृत्यु के शाश्वत सत्य के बीच अटूट विश्वास, समर्पण और साथ रहने के वचन को बेहद मार्मिक ढंग से व्यक्त करती है।

धूप हो या वर्षा, सुख हो या दुःख सच्चा प्रेम हर परिस्थिति में साथ निभाने का नाम है। यह कविता जीवन और मृत्यु के शाश्वत सत्य के बीच अटूट विश्वास, समर्पण और साथ रहने के वचन को बेहद मार्मिक ढंग से व्यक्त करती है।