तेरी आदत

एक व्यक्ति मोबाइल स्क्रीन पर किसी खास इंसान के संदेश का इंतज़ार करते हुए भावुक मुद्रा में बैठा है, जो भावनात्मक लगाव और प्रेम की गहरी अनुभूति को दर्शाता है।

रुचि अग्रवाल, सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल)

जब भी “लत” शब्द सुनाई देता है, हमारे मन में सबसे पहले सिगरेट, शराब, तंबाकू या किसी अन्य नशे का ख्याल आता है। हमें लगता है कि यही लतें इंसान को कमज़ोर बनाती हैं और उसके जीवन को प्रभावित करती हैं। लेकिन सच तो यह है कि दुनिया की सबसे गहरी, सबसे मज़बूत और सबसे मुश्किल लत किसी नशे की नहीं, बल्कि किसी इंसान की होती है।

जी हाँ, किसी खास व्यक्ति की आदत पड़ जाना भी एक ऐसी लत है, जिसका कोई इलाज नहीं होता।

सिगरेट की लत छोड़ने के लिए दवाइयाँ मिल जाती हैं, तंबाकू छोड़ने के लिए सलाहकार मिल जाते हैं, लेकिन किसी पसंदीदा इंसान की आदत छुड़ाने के लिए न कोई डॉक्टर होता है और न ही कोई दवा। क्योंकि यह लत सीधे दिल को लगती है, शरीर को नहीं।

शुरुआत में सब कुछ बहुत सामान्य लगता है। किसी से बात करना अच्छा लगता है, उसकी हँसी पसंद आने लगती है, उसके संदेश का इंतज़ार रहने लगता है। धीरे-धीरे वह व्यक्ति हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है। फिर एक समय ऐसा आता है, जब सुबह की शुरुआत उसके “गुड मॉर्निंग” से और रात का अंत उसके “गुड नाइट” से होने लगता है।

यहीं से शुरू होती है वह मीठी-सी लत।

मोबाइल की स्क्रीन बार-बार देखना, उसकी प्रोफ़ाइल पर जाना, उसकी ऑनलाइन स्थिति पर नज़र रखना, उसके संदेश आते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाना—ये सब उस लत के छोटे-छोटे लक्षण हैं, जिनका कोई मेडिकल नाम नहीं है। लेकिन हर प्रेम करने वाला व्यक्ति इन्हें अच्छी तरह समझता है।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस लत में इंसान खुश भी रहता है और परेशान भी। अगर सामने वाले का संदेश आ जाए, तो दिन बन जाता है और अगर जवाब देर से आए, तो पूरा दिन बेचैनी में गुज़र जाता है।

कभी-कभी तो हाल यह हो जाता है कि कोई गाना सुनो, तो उसकी याद; बारिश हो, तो उसकी याद; चाय पियो, तो उसकी याद। यहाँ तक कि किसी भीड़ में भी कोई चेहरा उसकी याद दिला देता है।

लेकिन इस लत की एक खूबसूरत बात भी है। यह इंसान को संवेदनशील बनाती है। वह किसी की खुशी में खुश होना और किसी के दुख में दुखी होना सीख जाता है। उसे एहसास होता है कि दुनिया में कुछ रिश्ते ऐसे भी होते हैं, जो किसी मजबूरी से नहीं, बल्कि दिल से जुड़े होते हैं।

हालाँकि, हर लत की तरह इसमें भी संतुलन ज़रूरी है। किसी को पसंद करना खूबसूरत है, लेकिन खुद को भूल जाना सही नहीं। किसी की मौजूदगी जीवन को बेहतर बना सकती है, लेकिन अपनी खुशी की चाबी पूरी तरह किसी और के हाथ में देना उचित नहीं।

प्यार, अपनापन और लगाव जीवन के सबसे सुंदर एहसास हैं। लेकिन इन सबके बीच अपनी पहचान, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता को बनाए रखना भी उतना ही ज़रूरी है।

आख़िर में बस इतना ही कि दुनिया में बहुत-सी लतें होती हैं, लेकिन सबसे प्यारी और सबसे खतरनाक लत उस इंसान की होती है, जिसकी एक मुस्कान आपका दिन बना दे, जिसका एक संदेश दिल की धड़कन बढ़ा दे और जिसकी अनुपस्थिति कुछ घंटों को भी सदियों जितना लंबा बना दे।

और अगर यह लेख पढ़ते-पढ़ते आपके चेहरे पर मुस्कान आ गई है, तो समझ जाइए… कहीं न कहीं आपको भी किसी की आदत ज़रूर है।

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