
आशी प्रतिभा ग्वालियर, मध्य प्रदेश,
आज फिर एक नई सुबह ,
नवीन विचार भी होंगे !
कल का किया भी होगा,
तो आज कई सवाल भी होंगे!
आज के सवालों को
क्यूँ न आज ही लिया जाए
हल ढूंढ के उनका भी
आज समाधान किया जाए ।।
कई दिवस कल में जिया
कभी आने वाले की चिंता
कभी बीते कल का चिंतन
क्यूँ न सवालों को कल में छोड़ दिया जाए।।
आज कुछ नवीन कार्य पूर्ण किया जाए
चलो आज में ही जिया जाए
संभव नहीं हो ऐसा यदि तो ,
आज ही कल के कर्म को क्रम से लिया जाए !
आने वाला हर आज भी तो ,
कल में बदल जायेगा ,समय है निकल जाएगा
तब क्यूँ न आज को ही अपनाए,
आज की बात को , आज ही सुना जाए ।
