हिंदी है मेरी पहचान 

hindi divas

संध्या श्रीवास्तव, प्रसिद्ध लेखिका, लखनऊ.

हिन्दी भाषा है मेरा अभिमान 

हिंदी मे ही बसती है मेरी जान 

उसकी महिमा है महान 

पहला शब्द मुख से जब निकला  

हिंदी का ही वो मां कहलाया

इसकी मधुर मिठास से

कानो मे मिस्री घुल घुल जाये 

गर्व हमे इस बात का है 

हिंदी हमारी मातृभाषा कहलाये

क्यों बनी हुई है ये 

आज उपेक्षित सी 

आज की पीढी क्यो समझे 

हिंदी को पिछड़ी हुई 

आधुनिकता की आड मे 

युवा पीढ़ी हो रही भ्रमित 

अंग्रेजी बोलने मे समझती है 

ये अपनी शान 

हिंदी बोलने मे जैसे 

होता है इनका अपमान 

क्या सिखलायेगे ये अपनी 

आने वाली पीढी को 

जब खुद ही इनको 

हिंदी का ज्ञान नही 

करो हर भाषा का तुम सम्मान 

पर हिंदी बोलने को तुम समझो 

अपना मान और सम्मान

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