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रिश्तों की याद

अब उसे मेरी याद नहीं आती क्या प्रेम कविता पुरानी मोहब्बत की यादों में डूबा एक अनकहा सवाल।
vijya dalmiya

विजया डालमिया, हैदराबाद

उसका हौले से मुस्कुराना,
मेरी आँखों में झाँककर
देखना,
और फिर प्यार से… शरारत से
पूछना
“तुम्हें मेरी याद नहीं आती क्या…”

उसका हर बात पर ज़िद करना,
दीवानों की तरह मुझे देखना,
मेरी हर एक बात के लिए
दीवानगी की हद से गुज़र जाना…

अब उसे
मेरी याद नहीं आती क्या?

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