हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रचनाकारों का सम्मान, साहित्यकारों की रही गरिमामयी उपस्थिति

सुरेश परिहार, संपादक, लाइव वायर न्यूज़, पुणे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के प्रतिष्ठित निराला सभागार में निहारिका साहित्य मंच एवं कंट्री ऑफ इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट के तत्वावधान में 12 सितंबर 2026, शनिवार को छायावाद की युगप्रवर्तक कवयित्री, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित एवं पद्म विभूषण महादेवी वर्मा की पुण्य स्मृति में विश्व भूषण सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. गरिमामयी वातावरण में आयोजित यह साहित्यिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.
कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकारों और रचनाकारों ने सहभागिता की. इस अवसर पर अनेक रचनाकारों को पहली बार एक-दूसरे से मिलने और साहित्यिक संवाद का अवसर मिला. आयोजन में उपस्थित साहित्यकारों के बीच आत्मीयता और अपनत्व का वातावरण देखने को मिला.
समारोह में सुमन दीक्षित, कोलकाता को महादेवी वर्मा के नाम से प्रदान किया गया विश्व भूषण सम्मान प्राप्त हुआ. उन्होंने इसे अपने लिए परम सौभाग्य का विषय बताया. उन्होंने कहा कि महादेवी वर्मा जैसी महान साहित्यिक विभूति के नाम से सम्मान प्राप्त करना उनके लिए विशेष रूप से गौरवपूर्ण अनुभव है.
कार्यक्रम के दौरान सुमन दीक्षित को पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह के समक्ष कुछ समय बैठने और उनसे मिलने का अवसर भी प्राप्त हुआ. अपने काव्य पाठ से पूर्व हुई इस मुलाकात को उन्होंने विशेष स्मृति के रूप में साझा किया.
सुमन दीक्षित ने आयोजन की सफलता के लिए निहारिका साहित्य मंच से जुड़ी रीमा सिन्हा के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने हिंदी साहित्य के प्रति उनके समर्पण, सक्रियता, स्नेहपूर्ण व्यवहार तथा आमंत्रित साहित्यकारों के प्रति सम्मान और आत्मीयता की प्रशंसा की.उन्होंने सफल एवं गरिमामयी आयोजन के लिए प्रिय रीमा सिन्हा और अज़ीज़ सिद्दीकी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं. कार्यक्रम ने साहित्यकारों को एक साझा मंच पर संवाद, सम्मान और आत्मीय मिलन का अवसर प्रदान किया तथा महादेवी वर्मा की साहित्यिक विरासत को स्मरण करने का अवसर भी दिया.
