
श्रीमती सुनीता चौधरी संस्कृत अध्यापिका नीमच ( मध्य प्रदेश)
माँ सरस्वती से मेरा है प्रगाढ़ बंधन,
माँ सरस्वती के चरणों में मेरा वंदन।
माँ सरस्वती के दाहिने हाथ में मोतियों की माला,
माँ सरस्वती बच्चों को देती हैं वर्णमाला।
माँ सरस्वती के बाएँ हाथ में वेद-ग्रंथ,
माँ सरस्वती को करती हूँ नतमस्तक।
माँ सरस्वती के हाथों में विराजे वीणा,
माँ सरस्वती के बिना हमें नहीं जीना।
माँ सरस्वती का आसन है कमल,
माँ सरस्वती को हमारा है नमन।
माँ सरस्वती धारण करती हैं श्वेत वस्त्र,
माँ सरस्वती का करते हैं हम जागरण।
माँ सरस्वती ने पहने हैं दिव्य आभूषण,
माँ सरस्वती करती हैं हमारा पोषण।
माँ सरस्वती की सवारी है हंस,
माँ सरस्वती से मिला है हमें मंच।
माँ सरस्वती हैं संसार के कण-कण में,
माँ सरस्वती बसी हैं सबके अंतर्मन में।
माँ सरस्वती का सुनीता चौधरी करती हैं वर्णन,
माँ सरस्वती से यही है हमारा प्रगाढ़ बंधन।
