पुणे में 43 करोड़ की अवैध निवेश योजना का पर्दाफाश

पुणे निवेश घोटाला

वेलेंटिना इंडस्ट्रीज पर शिकंजा, संचालकों पर केस दर्ज

पुणे: शहर में बड़ी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है, जहां वेलेंटिना इंडस्ट्रीज के संचालकों पर 2000 से अधिक निवेशकों से 43 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध जमा स्वीकारने का आरोप लगा है। आर्थिक अपराध शाखा ने 9 महीने की गुप्त जांच के बाद संतोष नाथा बांदल और ज्ञानेश्वर अनंत चोरगे के खिलाफ मामला दर्ज किया है।जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी लोगों को “पार्टनर” बनाने का झांसा देकर हर महीने 1 से 5 प्रतिशत तक रिटर्न देने का लालच देती थी। फिक्स डिपॉजिट जैसी योजनाओं में निवेश पर 1 प्रतिशत मासिक ब्याज और तीन साल में चार गुना रिटर्न का दावा किया जाता था। हालांकि, वास्तविकता में निवेशकों से ली गई रकम का उपयोग अन्य लोगों को भुगतान करने में किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार, कंपनी 1 लाख से 99 लाख रुपये तक निवेश स्वीकार करती थी और निवेशकों को भागीदार बताकर एमसीए पोर्टल पर दर्ज करती थी। कंपनी का दावा था कि यह राशि उसकी सहायक कंपनियों में निवेश की जाती है, जिनकी संख्या 10 बताई गई, जबकि 11 और कंपनियां शुरू करने की योजना थी।

जांच में यह भी सामने आया कि 2136 निवेशकों से 43 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की राशि ली गई। वहीं, कंपनी के आधिकारिक रिकॉर्ड में टर्नओवर मात्र 56 लाख रुपये और नेटवर्थ नकारात्मक दिखाई गई, जबकि निवेशकों को 300 से 3000 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर का दावा कर लुभाया जा रहा था।

पुलिस ने पाया कि बिना किसी सरकारी अनुमति के अवैध जमा स्वीकारे गए और कुछ निवेशकों को पुराने निवेशकों के पैसे से रिटर्न दिया गया। फिलहाल किसी निवेशक की औपचारिक शिकायत नहीं आई है, लेकिन संभावित धोखाधड़ी को देखते हुए पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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