सोना-चांदी ने बनाया नया इतिहास

लगातार पांचवें दिन ऑलटाइम हाई

मुंबई, 29 दिसंबर
सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज यानी 29 दिसंबर को लगातार पांचवें कारोबारी दिन दोनों कीमती धातुएं अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 24 कैरेट सोने की कीमत 205 रुपये की बढ़त के साथ 1,38,161 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई, जो अब तक का उच्चतम स्तर है। इससे पहले सोने का भाव 1,37,956 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

चांदी ने भी जबरदस्त छलांग लगाते हुए एक ही दिन में 15,376 रुपये की तेजी दर्ज की और इसका भाव 2,43,483 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया। इससे पहले चांदी 2,28,107 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी। साल 2025 में अब तक सोना 61,999 रुपये और चांदी 1,57,466 रुपये महंगी हो चुकी है। 31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना 76,162 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर 1,38,161 रुपये हो गया है, जबकि चांदी का भाव इसी अवधि में 86,017 रुपये से बढ़कर 2,43,483 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।

आईबीजेए द्वारा जारी किए गए भावों में 3 प्रतिशत जीएसटी, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होते, इसलिए अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी के दाम अलग दिखाई देते हैं। इन्हीं दरों का इस्तेमाल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया सोवरेन गोल्ड बॉन्ड की कीमत तय करने और कई बैंक गोल्ड लोन की दरें निर्धारित करने में करते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक सोने में तेजी के पीछे डॉलर की कमजोरी, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी प्रमुख कारण हैं। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती से डॉलर कमजोर हुआ है, जिससे सोने की होल्डिंग लागत घटी और निवेश बढ़ा। रूस-यूक्रेन युद्ध सहित वैश्विक तनाव के माहौल में निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानकर लगातार खरीदारी कर रहे हैं। इसके अलावा चीन जैसे देश अपने रिजर्व में बड़े पैमाने पर सोना जोड़ रहे हैं, जिससे कीमतों को मजबूत सहारा मिला है।

चांदी की कीमतों में तेजी की वजह भी मजबूत औद्योगिक मांग मानी जा रही है। सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे क्षेत्रों में बढ़ते उपयोग ने चांदी को ज्वेलरी से आगे एक अहम औद्योगिक धातु बना दिया है। अमेरिका में संभावित टैरिफ को लेकर आशंकाओं के चलते कंपनियां पहले से भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई पर दबाव बढ़ा है। उत्पादन में बाधा के डर से मैन्युफैक्चरर्स की अग्रिम खरीदारी भी कीमतों को ऊपर ले जा रही है।

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के अनुसार, चांदी की मांग में तेजी आगे भी बनी रह सकती है और अगले एक साल में इसका भाव 2.75 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है। वहीं सोने की मांग भी मजबूत बनी हुई है और अगर मौजूदा रुझान जारी रहा, तो अगले साल 10 ग्राम सोने की कीमत 1.50 लाख रुपये के स्तर को पार कर सकती है।

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