खूंटी पर टंगी संवेदना..
लोग घर की खूँटी पर टांग कर निकलते हैं संवेदना… और फिर उन्हें नहीं फर्क पड़ता सड़क किनारे हो रहे हादसों से उन्हें नहीं फर्क पड़ता की एक युवक बार बार घोप रहा है हाथ में लिये अपने औजार को किसी युवती पर जो तड़प रही है दर्द से… लोग एक दूसरे को देखते हैं…
