मेरे नयन तरस गए भगवन
यह कविता वर्तमान समाज की बदलती सोच, सोशल मीडिया के प्रभाव और घटते संस्कारों पर गहरी चोट करती है। धरती माँ की पुकार के माध्यम से यह रचना वीर शिवाजी, रानी लक्ष्मीबाई जैसे महान योद्धाओं के आदर्शों को पुनर्जीवित करने का संदेश देती है। ब्रह्मा, विष्णु और महादेव के संवादों के जरिए यह कविता आत्मचिंतन, संस्कार और वीरता को फिर से अपनाने की प्रेरणा देती है।
