Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

कुर्बानी

आँवले के उस पुराने पेड़ के नीचे जहाँ कभी उनका प्यार अंकुरित हुआ था, आज सीमा और अर्जुन फिर चुपचाप बैठे थे। वक्त बहुत बदल चुका था, पर भावनाएँ नहीं। सीमा का दिल अर्जुन के बिना किसी और को स्वीकार नहीं कर पा रहा था, जबकि अर्जुन अपनी भावनाओं को दबाकर उसे उसके माता-पिता के सपनों को पूरा करने की राह दिखा रहा था।
उसकी आँखों में छिपा दर्द साफ़ था. अपने प्यार को खोने का नहीं, बल्कि सीमा की खुशियाँ बचाने का। किसी और की भलाई के लिए दिल को चीर देना वही उसकी सबसे बड़ी कुर्बानी थी।

Read More