बसेरा

‘बसेरा’ एक संवेदनशील लघुकथा है, जिसमें पेड़ और चिड़ियों के संवाद के माध्यम से विकास और विनाश के द्वंद्व को उकेरा गया है। यह कथा प्रकृति, सह-अस्तित्व और मानवीय हस्तक्षेप के कारण उजड़ते आश्रयों की पीड़ा को अत्यंत मार्मिक ढंग से सामने लाती है।

Read More