Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

पिताजी और शिक्षक दिवस

मेरे लिए पिताजी ही जीवन के पहले शिक्षक थे। उनकी डाँट में करुणा थी और उनकी कठोरता में भी प्रेम छिपा था। उन्होंने केवल पढ़ाया नहीं, बल्कि सच्चाई, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ जीना सिखाया। अद्भुत संयोग यह रहा कि शिक्षक होकर वे इसी शिक्षक दिवस के दिन इस संसार से विदा हुए—और अपने जीवन से यह अंतिम संदेश छोड़ गए कि सच्चा शिक्षक वही है, जो अपने आचरण और आदर्श से पीढ़ियों को दिशा देता है।

Read More