समय की तरह पुरुष…
औरतें अपने पुरुषों के समय का बहुत ख्याल रखती हैं। लेकिन अगर सच में ख्याल रखना है, तो जरा ‘समय’ नामक पुरुष का पीछा करके देखो—आखिर यह समय कहाँ जा रहा है? क्या तुम इसे रोक पाओगी, अपनी जुल्फों में, या कोमल त्वचा पर, या आंखों की चमक और घुटनों की ताकत पर? नहीं, रोक नहीं पाओगी।तो फिर क्यों उलझती हो पुरुष के साथ? समय की तरह ही पुरुष भी है—तेरा है तो रहेगा, नहीं है तो चला जाएगा।
