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चाँदनी रात में डायरी पर लिखी प्रेम ग़ज़ल, पास में रखा फाउंटेन पेन और हल्की रोशनी

ग़ज़ल

“तिरी पलकों के साये में” एक भावपूर्ण हिंदी ग़ज़ल है जो प्रेम की नज़ाकत, रिश्तों की अहमियत, इल्म की रोशनी और माँ-बाप के अनकहे दर्द को बेहद संवेदनशील अंदाज़ में प्रस्तुत करती है। हर शेर जीवन की सच्चाई से रूबरू कराता है।

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