“भगवा रैली ने महिदपुर रोड को रंगा”
“महिदपुर रोड में RSS शताब्दी वर्ष के अवसर पर भगवा रैली, रथ पर राम-सीता-लक्ष्मण-हनुमान, लोग फूल बरसा रहे हैं।”

“महिदपुर रोड में RSS शताब्दी वर्ष के अवसर पर भगवा रैली, रथ पर राम-सीता-लक्ष्मण-हनुमान, लोग फूल बरसा रहे हैं।”
त्यौहार खुशी की साझा भाषा हैं, जो धर्म और परंपराओं से ऊपर उठकर लोगों को जोड़ते हैं। सोशल मीडिया के दौर में आवश्यकता है कि हम भिन्नताओं का सम्मान करते हुए, एक-दूसरे की खुशियों में सहभागी बनें और “जियो और जीने दो” के सिद्धांत को अपनाएँ।
वो दिन आज भी स्मृति में ताजे हैं, जब बिहार के छपरा शहर में हिन्दू-मुस्लिम दंगे भड़क उठे थे. चारों ओर डर का माहौल था, एक अनजानी आशंका हर घर के आंगन में सन्नाटा बनकर पसरी हुई थी. उन्हीं कठिन दिनों में, हमारे घर में एक गरीब मुस्लिम लड़का भी रहता था, जो गांव से पढ़ाई के लिए भेजा गया था.
उसे पापा के किसी पुराने मित्र ने यह कहकर भेजा था कि बेटा पढ़ाई में बहुत तेज़ है, लेकिन हालात ठीक नहीं हैं्. आपने बहुतों की मदद की है, आज इसे भी आपके सहारे की ज़रूरत है.