Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers

नारी द्वारा नारीत्व का परित्याग

समाज में नारी की भूमिका और नारीत्व आज गंभीर परिवर्तन का सामना कर रहा है। जहाँ सदियों से नारी को ममता, कोमलता और जीवन देने वाले स्वरूप के रूप में देखा गया, वहीं अब वही नारी कई परिस्थितियों में अत्याचार, विषाक्त जीवन और अन्याय के खिलाफ प्रचंड स्वरूप धारण कर रही है।

कई मामलों में नारी अपने बच्चों या परिवार के प्रति परंपरागत ममता के बजाय अपने जीवन के बंधनों से मुक्त होने का प्रयास करती है। यह कदम कभी-कभी उस विषाक्त वातावरण का प्रतिरोध होता है, जो उसे हर दिन मानसिक और शारीरिक रूप से चोट पहुँचाता है।

Read More