कठिन समय में अपनी सहेली का हाथ थामकर हौसला देती एक महिला

सच्चा सारथी

“सच्चा सारथी” एक हृदयस्पर्शी संस्मरण है, जिसमें लेखिका ने अपनी सच्ची मित्र हेमलता के निस्वार्थ सहयोग, आत्मीयता और कठिन समय में निभाए गए साथ को भावपूर्ण शब्दों में व्यक्त किया है। जीवन के संघर्ष, मानसिक पीड़ा और पारिवारिक संकट के बीच एक सच्चे मित्र ने किस प्रकार संबल बनकर जीवन को नई दिशा दी, यह रचना उसी अनुभव का सजीव चित्रण है। यह संस्मरण बताता है कि सच्ची मित्रता केवल साथ निभाने का नहीं, बल्कि जीवन को संभालने का भी नाम है।

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