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 वो लड़की

सोमेश की कंपनी में नया प्रोजेक्ट शुरू हुआ था, इसलिए अब उसे ऑफिस में ज़्यादा देर तक रुकना पड़ता था. इस बात से उसका मन खिन्न हो रहा था. दस बजे की मेट्रो से उतरकर वह ऑटो की ओर बढ़ा. जैसे ही वह ऑटो में बैठा, वैसे ही एक खुशबू का झोंका उसकी नाक से टकराया.
रुको, मुझे भी ले चलो, लगभग हांफते हुए उस लड़की ने कहा.
वो खूबसूरत चेहरा, हिरणी सी आंखें, बाल हवा में बिखरे हुए, साड़ी पहने हुए थी. कहते-कहते ही वह बैठ गई.अरे! ऐ, इन साहब ने ऑटो रुकवाया है, तुम किसी और में चली जाओ, ऑटो वाले ने डपटते हुए कहा.

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