कम बोलना, कम प्यार नहीं होता
रिश्तों में हर ‘हम्म’ नाराजगी या दूरी का संकेत नहीं होता। कई बार इसके पीछे मानसिक थकान, व्यक्तित्व का स्वभाव या संवाद का अलग तरीका छिपा होता है। जानिए कैसे समझें अपने पार्टनर की खामोशी को।

रिश्तों में हर ‘हम्म’ नाराजगी या दूरी का संकेत नहीं होता। कई बार इसके पीछे मानसिक थकान, व्यक्तित्व का स्वभाव या संवाद का अलग तरीका छिपा होता है। जानिए कैसे समझें अपने पार्टनर की खामोशी को।
स्वरा सुरेखा अग्रवाल (उत्तरप्रदेश) रिश्तों की डोर दोनों ओर से मजबूत होनी चाहिए। जितने ज़्यादा रिश्ते, उतनी डोर झुकेगी। रिश्तों की गति मद्धम होनी चाहिए, फास्ट नहीं, ज़रा स्लो रखिए। गर्माहट की तपिश स्निग्ध हो, पकड़ कोज़ी हो, चाशनी कम और कड़वाहट मनमोहक—यानी संतुलन ज़रूरी है। बांधिए भी उतना कि घुटन न हो, पकड़िए भी…