Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
युवा पीड़ा, सामाजिक निराशा और भीतर के शोर को दर्शाती भावनात्मक हिंदी कविता का दृश्य

पंगु

‘पंगु’ केवल एक कविता नहीं, बल्कि भीतर दबे शोर, सामाजिक विडंबना, युवा असंतोष और व्यवस्था पर तीखा प्रश्न है। इसमें बेरोजगारी, टूटते सपने, स्त्री असुरक्षा और राजनीतिक वादों के बीच जूझती पीढ़ी की बेचैनी मुखर होकर सामने आती है।

Read More