प्रेम और विश्वास को दर्शाती हिंदी कविता – तुम राज़दां हो मेरी

मनमीत

तुम मेरे जीवन का वह विश्वास हो, जो अँधेरों में भी राह दिखाता है। जब संसार डगमगाता है, तब तुम्हारी मौजूदगी मुझे स्थिर रखती है। यह साथ किसी वचन या शपथ से बड़ा है. यह आत्मा की स्वीकृति है, जहाँ भय का कोई स्थान नहीं। तुम्हारे इश्क़ में मुझे सुकून मिला है, ऐसा सुकून जो प्रश्न नहीं करता, केवल स्वीकार करता है। हम दो शरीर नहीं, एक ही चेतना के विस्तार हैं तुम मेरी साधना हो और मैं तुम्हारी आस्था। इसी निष्कपट प्रेम में जीवन की हर कठिनाई सहज हो जाती है, और हर पथ आलोकित।

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