पेन, स्याही और शब्दों का महाकुंभ
बचपन से ही पेन और स्याही हर इंसान की जिंदगी का अहम हिस्सा रहे हैं। भावनाएं हों या विचार, जानकारी हो या कल्पना शब्दों के जरिए खुद को अभिव्यक्त करने का माध्यम यही लेखन उपकरण रहे हैं। इसी लेखन संस्कृति का उत्सव मनाने जा रहा है पुणे, जहां 10 और 11 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय पेन फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है।
