ज़िंदगी में हिसाब
रिश्तों की दुनिया में लोग आपकी मजबूरियाँ नहीं, आपकी मौजूदगी याद रखते हैं। यह संवेदनशील कहानी बताती है कि दुःख की घड़ी में साथ खड़ा होना ही रिश्तों का सबसे बड़ा निवेश है।

रिश्तों की दुनिया में लोग आपकी मजबूरियाँ नहीं, आपकी मौजूदगी याद रखते हैं। यह संवेदनशील कहानी बताती है कि दुःख की घड़ी में साथ खड़ा होना ही रिश्तों का सबसे बड़ा निवेश है।