मैं पापा की नन्ही परी" एक भावुक हिंदी कविता है, जिसमें शहीद सैनिक की बेटी अपने पिता के बिछड़ने का दर्द, माँ की पीड़ा और अपने अनकहे भावों को मार्मिक शब्दों में व्यक्त करती है।

मैं पापा की नन्ही परी

एक शहीद सैनिक की बेटी की दृष्टि से लिखी गई यह हृदयस्पर्शी कविता पिता के बलिदान, माँ के दुःख और एक बेटी के अधूरे स्नेह की कहानी कहती है। “मैं पापा की नन्ही परी” पाठकों की संवेदनाओं को गहराई से छू लेने वाली रचना है।

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