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माँ की याद में संभालकर रखे पुराने रुमाल और माँ-बेटी के भावुक रिश्ते को दर्शाती हिंदी कविता

माँ के ये रुमाल

पैंतीस साल से माँ से दूर रहने के बावजूद उनके कुछ पुराने रुमाल आज भी माँ के स्पर्श, दुलार और आश्वासन का एहसास कराते हैं. ‘माँ के ये रुमाल’ माँ-बेटी के अटूट रिश्ते की मार्मिक कविता है.

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