“मन अमराई महकी रे”
सावन की बदली, भीगी पलकें, कोयल की कूक और मन में उतरती प्रेम की याद. ‘मन अमराई महकी रे’ रिश्तों, प्रकृति और प्रीत के मधुर एहसासों से सजी भावपूर्ण हिंदी कविता है.

सावन की बदली, भीगी पलकें, कोयल की कूक और मन में उतरती प्रेम की याद. ‘मन अमराई महकी रे’ रिश्तों, प्रकृति और प्रीत के मधुर एहसासों से सजी भावपूर्ण हिंदी कविता है.