An elderly Indian father caring for his sick wife in a dimly lit room, reflecting loneliness, sacrifice, and the struggles of old age.

पिता की पीड़ा

वर्तमान पिता” एक मार्मिक कविता है, जो उस पिता की कहानी कहती है जिसने अपना पूरा जीवन परिवार के लिए समर्पित कर दिया, लेकिन बुढ़ापे में उपेक्षा, अकेलेपन और स्वार्थपूर्ण रिश्तों का सामना कर रहा है। यह कविता बदलते पारिवारिक मूल्यों और माता-पिता के प्रति संवेदनशील होने का संदेश देती है।

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