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बरसात और आँसुओं में छिपे दर्द को दर्शाती हिंदी कविता

बरसात

बरसात सिर्फ आसमान से नहीं होती, कभी-कभी आँखों से भी बरसती है। यह कविता उन अनकहे दर्द, खामोश सवालों और भीतर छिपी भावनाओं को शब्द देती है, जिन्हें इंसान मुस्कुराते चेहरे के पीछे छिपा लेता है।

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