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बदलता वक़्त कविता में दर्शाई गई समाज की पीड़ा और इंसानियत का क्षरण

बदलता वक़्त…

“बदलता वक़्त” एक मार्मिक हिंदी कविता है, जो टूटते रिश्तों, बढ़ती हैवानियत, अख़बारी सुर्खियों की लाल स्याही और समाज में गिरती इंसानियत को संवेदनशील शब्दों में उजागर करती है।

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