साहित्य नई शुरुआत LIVE WIRE NEWS NETWORK11 months ago11 months ago31 mins “रात के 1:00 बजे स्टेशन पर बैठे रोहित ने सोचा भी ना था, वो इस तरह आएगी और उसकी ज़िंदगी में सब बदल जाएगा… उस पगली मां की टूटन में रोहित को अपने अपनों की छवि दिखी। और फिर वही स्टेशन, जो आत्महत्या का स्थान बनने वाला था, अब नए सपनों की जन्मभूमि बन गया।” Read More