विरह में डूबी एक स्त्री, दूर जाती परछाईं को निहारती हुई, आँखों में प्रेम और प्रतीक्षा का गहरा भाव।

नज़र से जुदा

कुछ लोग नज़रों से दूर हो जाते हैं, मगर दिल से नहीं। यह कविता उसी विरह, स्मृति और लौट आने की उम्मीद का गीत है, जहाँ प्रेम जुदाई के बाद भी सांस लेता रहता है।

Read More
तेरे होने और मेरे न होने के बीच | एक प्रेम कविता

तेरे होने, मेरे न होने के बीच

कुछ रिश्ते नाम से नहीं, एहसासों से जिए जाते हैं। यह कविता प्रेम, स्मृतियों, आगोश और उस अनकहे खालीपन की कहानी है, जहाँ “तेरे अलावा” और “तेरे बिना” एक साथ सांस लेते हैं।

Read More
खूबसूरत हिंदी ग़ज़ल: हौसलों को न गिराया कर

उम्मीदों की ग़ज़ल

यह खूबसूरत ग़ज़ल जीवन के गहरे सत्य को सरल शब्दों में व्यक्त करती है। इसमें प्रेम, धैर्य, हौसला और आत्मविश्वास का संदेश छिपा है। ज़िन्दगी कठिन हो सकती है, मगर उसे अपनाना ही जीत है। टूटे ख्वाबों के बाद भी हिम्मत बनाए रखना, दिल की हर बात हर किसी से न कहना और रोशनी को बांटते रहना ये ग़ज़ल इन्हीं जीवन मूल्यों को सलीके से सामने लाती है। हर शेर इंसान को भीतर से मजबूत बनने, खुद से जुड़ने और उम्मीद की लौ जलाए रखने की प्रेरणा देता है।

Read More
रात के आकाश के नीचे अकेला बैठा व्यक्ति, सितारों की ओर देखते हुए, चेहरे पर उदासी और जुदाई का भाव

अधूरा आशियाना

यह ग़ज़ल मोहब्बत, जुदाई और दिल की कश्मकश को बेहद खूबसूरती से बयां करती है। हर शेर में बिछड़ने का दर्द, इंतजार और यादों की टीस झलकती है, जो पाठक को भावनाओं की गहराई में डूबने पर मजबूर कर देती है।

Read More