Live Wire News literary portal with Gulmohar and Rajnigandha flowers
वर्षों की प्रतीक्षा और विरह में डूबी स्त्री को दर्शाती हिंदी कविता

प्रतीक्षा

वर्षों की प्रतीक्षा जब थकान में बदल जाती है, तो प्रेम के सामने दो ही रास्ते रह जाते हैं—अपना नाम वापस पा लेना या फिर विदा हो जाना। यह कविता उसी भावनात्मक संघर्ष और टूटते विश्वास की कहानी कहती है।

Read More