साहित्य प्रतीक्षा LIVE WIRE NEWS NETWORK2 days ago1 day ago11 mins वर्षों की प्रतीक्षा जब थकान में बदल जाती है, तो प्रेम के सामने दो ही रास्ते रह जाते हैं—अपना नाम वापस पा लेना या फिर विदा हो जाना। यह कविता उसी भावनात्मक संघर्ष और टूटते विश्वास की कहानी कहती है। Read More